মালদা

मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ नवजात शिशु के आरोपों को स्थानांतरित करने का आरोप लगाया गया है

मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नवजात शिशु को आधान का आरोप लगाया। बेटा बच्चा पैदा होने की बजाय बेटी बच्चा देने पर स्वास्थ्य देखभाल श्रमिकों पर आरोप लगाया गया। बच्चे की परिवार के सदस्यों ने इस घटना की खबर प्राप्त कर  मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के पास इस घटना की शिकायत दर्ज करवाई है।

मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बच्चे की शिकायत प्राप्त करने के बाद पांच सदस्यीय समिति की  गठन बनाकर इस घटना की जांच शुरू कर दी है। गज़ोल पुलिस स्टेशन निवासी सुनीता कर्मकार को कल श्रमिकों के साथ मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था।सुनीता के परिवार ने बेटा को रात में जन्म देने का दावा किया।लेकिन आज सुबह उनको लड़की बच्चा दिया गया।इसके बाद उन्होंने बच्चे को बदलने के बारे में शिकायत की है। सुनीता के परिवार का दावा है कि बच्चे का पैदा होने के बाद जिस बच्चे को नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को सौंपी गई थी, वो बच्चा बेटा था। लेकिन आज सुबह बच्चे की माँ के हाथ में लड़की बच्चा सौंपा गया है।तब उन्हें संदेह होने लगा की लड़का बच्चा लड़की कैसे बन सकता है इस बात को लेकर उसने ढिंढोरा पीटना शुरू कर दिया। इस तरह की घटना की वजह से बच्चे की माँ ने लड़की बच्चा को लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने प्रसूति के परिवार को परेशान किया। प्रसूति के परिवार वालों ने इस पर शिकायत दर्ज की है।अस्पताल में इस घटना की सुनवाई पर, मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के उपाध्यक्ष अमित दा प्रसूति के पक्ष में गए।समिति के पांच सदस्यों ने इस घटना की जांच के लिए समिति का गठन किया।