प्रभावित कृषि और किसान आजीविका के लिए सिमिति ने बैठक बुलाया। समिति के सदस्य ने कहा कि पुलिस ने देशव्यापी संख्या 34 को अवरुद्ध कर दिया और उन्हें विरोध प्रदर्शन से रोका।ज्ञात हुआ कि गुरुवार को गुरुवार को, कृषि और किसान की आजीविका के संरक्षण के लिए समिति के सदस्यों ने कालियाचौक के बालिदांगा जंक्शन के निकट 34 नम्बर सड़क पर अवरुद्ध करने में कृषि और किसान की आजीविका पर पुलिस द्वारा हमला हुआ है। जब पुलिस ने उन लोगों को उस स्थान से हटा दिया तो, उन्होंने उस स्थान से एक किलोमीटर कि दुरी पर बैठक किया। बैठक एवं,जुलूस के बाद, जब वे 34 नम्बर राष्ट्रीय सड़क पर अवरुद्ध करने आए तो पुलिस ने उस स्थान पे भी उन लोगों को मना कर दिया।इस दिन समिति का नेतृत्व अध्यक्ष नकमुद्दीन अहमद, सचिव सुफलचंद्र मंडल, वैष्णनगर के पूर्व विधायक वैष्णनाथ घोष और एसपी के नेता श्रवणंद पांडे ये सारे लोग वहाँ उपस्थित थे। उनका मुख्य बयान यह था कि कालियाचौक के आकंडाबरिय चौरीयनंतपुर, साहबजपुर,गोलापगंज, मोजमपुर आदि इलाकों के जिस जमीन पर पोस्ता का फसल उगाया जाता था ,उस जमीन को उन लोगों ने सरकार को दे दी है,लेकिन फिर भी पुलिस इन लोगों पर गुप्त रूप से फसल उगाने का आरोप लगा रहे हैं। उस जमीन पर पुल भी बनाए गए हैं फिर भी, उन्हें झूठे आरोपों पर कैद होना पड़ता है। पुलिस कुछ लोगों कॉम गिरफ़्तार भी कि हैबीआरएलओ आसिफ अपने पोस्ता की खेती के खिलाफ ब्यान दे रहे हैं। इसलिए अधिकारियों के सामने ये लोग यह मांग कर रहे हैं कि इन गलत नेताओं को वापस हटा दिया जाए।ताकि निर्दोष लोग इस गलत आरोप से छुटकारा पा सकेंगे। इस दिन वे लोग अपने दावे के साथ अपना कार्यक्रम किए।
মালদা